भारत सरकार के फैसले के बाद Zoho का बड़ा ऐलान, Arattai बंद करेगा Username अकाउंट

भारत सरकार द्वारा WhatsApp के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर रोक लगाए जाने के बाद Zoho ने भी बड़ा फैसला लिया है। Zoho के सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने घोषणा की है कि कंपनी अपने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Arattai में मौजूद यूजरनेम-बेस्ड अकाउंट फीचर को बंद कर देगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी नए नियामकीय (रेगुलेटरी) बदलावों का पूरी तरह पालन करेगी। इसके साथ ही Arattai उन शुरुआती मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो गया है जिसने सरकार के रुख के बाद सार्वजनिक रूप से अपनी नीति में बदलाव की घोषणा की है।
WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार ने लगाई रोक
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को भारत में WhatsApp के यूजरनेम फीचर को फिलहाल लॉन्च नहीं करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि जब तक साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी पहचान से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को लागू नहीं किया जा सकता। सरकार को आशंका है कि इस सुविधा का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी बैंक, सरकारी संस्थानों और प्रसिद्ध व्यक्तियों की फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना सकते हैं।
Arattai क्या है और क्या बदलेगा?
Arattai, Zoho का एक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, जो यूजर्स को चैट, वॉयस कॉल और वीडियो कॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। हालांकि श्रीधर वेम्बू ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यूजरनेम फीचर कब तक पूरी तरह हटाया जाएगा, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि कंपनी सरकार के नए नियमों के अनुरूप आवश्यक बदलाव करेगी। इससे साफ है कि Zoho नियामकीय निर्देशों का पालन करने के लिए अपनी सेवाओं में संशोधन करेगा।
क्यों बढ़ी सरकार की चिंता?
WhatsApp का प्रस्तावित यूजरनेम फीचर यूजर्स को मोबाइल नंबर साझा किए बिना बातचीत शुरू करने की सुविधा देता। लेकिन केंद्र सरकार का मानना है कि इस सुविधा का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराधी फर्जी बैंक, सरकारी एजेंसियों या मशहूर हस्तियों के नाम से अकाउंट बनाकर फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। इसी वजह से सरकार ने Meta से सुरक्षा उपायों का विस्तृत विवरण मांगा है और फिलहाल इस फीचर के रोलआउट पर रोक लगा दी है।





