लखनऊ में गोमती नदी का पानी गोमतीनगर तक पहुंचा, प्लासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के पास जलभराव

सितंबर के आखिर में हुई भारी बारिश का असर अब लखनऊ में साफ दिखाई दे रहा है। कई दिनों से निचले इलाकों में जमा गोमती नदी का पानी अब शहर के प्रमुख हिस्सों तक पहुंच गया है। गोमतीनगर में प्लासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के आसपास सड़कें जलमग्न हैं, जबकि कई संस्थानों और धार्मिक स्थलों पर भी पानी का असर देखा जा रहा है।
गोमतीनगर तक पहुंचा नदी का पानी
गोमती नदी का पानी पिछले करीब आठ दिनों से फैजुल्लागंज और बक्शी का तालाब क्षेत्र में जमा है। अब इसका असर शहर के दूसरे हिस्सों में भी दिखाई देने लगा है। गोमतीनगर में प्लासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के आसपास की सड़कों पर पानी भर गया है।
प्लासियो मॉल के सामने स्थित IIIT कैंपस, पुलिस हेडक्वार्टर और 112 मुख्यालय के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
इकाना में टूर्नामेंट दूसरी जगह शिफ्ट
जलभराव का असर खेल गतिविधियों पर भी पड़ा है। इकाना स्टेडियम में आयोजित होने वाला वीनू मांकड़ टूर्नामेंट दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा है।
प्रशासन और संबंधित विभागों की प्राथमिकता फिलहाल पानी को प्रमुख सड़कों और महत्वपूर्ण संस्थानों की ओर आगे बढ़ने से रोकना है। इसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से कुछ स्थानों पर बोल्डर लगाए जा रहे हैं।
सामान्य स्तर से 2.44 मीटर ऊपर जलस्तर
भारी बारिश के बाद गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक लखनऊ में नदी का पानी सामान्य स्तर से करीब 2.44 मीटर यानी लगभग आठ फीट ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर 108.14 मीटर तक दर्ज किया गया है।
प्रशासन के अनुसार शाहजहांपुर और सीतापुर की ओर से आया अतिरिक्त पानी भी गोमती के बढ़े जलस्तर की एक बड़ी वजह है।
तराई में रिकॉर्ड बारिश का असर
24 से 27 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। 26 सितंबर को लखीमपुर खीरी में 342 मिलीमीटर और सीतापुर में 273 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद नदियों में पानी बढ़ा और इसका असर लखनऊ तक पहुंचा।
फैजुल्लागंज और बक्शी का तालाब के अलावा शहर के कई अन्य हिस्सों में भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
धार्मिक स्थलों तक पहुंचा पानी
गोमती के बढ़े जलस्तर का असर धार्मिक स्थलों पर भी पड़ा है। चंद्रिका देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर पानी पहुंच गया है। वहीं लेटे हनुमान मंदिर और हनुमंत धाम परिसर में भी जलभराव हो गया है।
मंदिर के महंत विष्णु दास के मुताबिक आश्रम में पानी आने के बाद वहां रहने वाले करीब 100 बटुकों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।
यातायात पर भी नजर
ACP ट्रैफिक राधा रमन सिंह के अनुसार फिलहाल प्रभावित इलाकों में यातायात जारी है। हालांकि, अगर नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो परिस्थितियों के अनुसार ट्रैफिक रोका जा सकता है।
लखनऊ में इस समय सबसे बड़ी चुनौती पानी को और आगे फैलने से रोकना है। लगातार निगरानी और प्रभावित इलाकों में समय रहते राहत व्यवस्था ही स्थिति को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाएगी।





