जंतर-मंतर प्रदर्शन के वीडियो पर अखिलेश यादव का निशाना, राहुल गांधी बोले- युवाओं को मिलेगा न्याय

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। वहीं, राहुल गांधी ने युवाओं को न्याय मिलने की बात कही। इस बीच, CJP ने 11 अक्टूबर को भी प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान वायरल हुआ वीडियो
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के आह्वान के बाद 10 अक्टूबर को बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई। इस दौरान कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
इन्हीं में से एक वीडियो में कुछ लोग एक महिला के साथ मारपीट करते दिखाई देने का दावा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियों और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “देश की राजधानी, शर्म से हुई पानी-पानी! ये है भाजपाई नारी वंदन का सच निंदनीय!”
अखिलेश यादव की इस प्रतिक्रिया के बाद प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित व्यवहार और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। उनका बयान केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
राहुल गांधी बोले- युवाओं को मिलेगा न्याय
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। राहुल गांधी ने इसे देश की आत्मा और दिल पर हमला बताते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिन युवाओं पर हमला हुआ, उन्हें न्याय मिलेगा।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि देश के युवाओं और पूरे विपक्ष को न्याय मिलेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनावी प्रक्रिया को लेकर विरोध-प्रदर्शन और विपक्ष के आरोप राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।
जयराम रमेश ने NTA को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी युवाओं के आंदोलनों और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार खबरों में हैं, लेकिन करीब तीन महीने पहले NTA से जुड़े मुद्दों को लेकर भी युवाओं का विरोध शुरू हुआ था।
रमेश के मुताबिक, शिक्षा से संबंधित संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के आधार पर NTA को लेकर कांग्रेस ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट राज्यसभा के सभापति को सौंपी गई है।
11 अक्टूबर को भी प्रदर्शन का आह्वान
10 अक्टूबर को बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में फिर से विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
हालांकि, रविवार के प्रदर्शन की स्थिति, पुलिस की तैयारियों और संभावित प्रतिबंधों को लेकर संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
चुनावी प्रक्रिया और प्रदर्शन पर टिकी नजरें
जंतर-मंतर के घटनाक्रम ने चुनावी प्रक्रिया, विरोध-प्रदर्शन की अनुमति और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर विपक्षी नेता सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रदर्शन से जुड़े वायरल वीडियो की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों, हिरासत में लिए गए लोगों और वायरल वीडियो से जुड़े मामलों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।





