जब विधायक ने दिखाया तीखा रुख, SDM ने कहा मुझे हटवा दो, BJP नेता ने कहा- ‘इतना ज्यादा बकवास मत करो’
सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह गहवार द्वारा राजस्व विभाग के अधिकारियों पर लगातार आरोप लगाए जाने से माहौल गरम हो गया। यह घटना एक सरकारी समस्या समाधान शिविर के दौरान घटी, जहां विधायक ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला। इस पर मौजूद एसडीएम मझगवां जितेंद्र वर्मा को यह आपत्तिजनक लगा और दोनों के बीच मंच पर तीखी बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता गया और विधायक ने एसडीएम से कह दिया, “यहां ज्यादा बकवास मत करो।” इस पर एसडीएम ने भी खुलकर जवाब दिया और कहा, “मुझे हटवा दो।”
विधायक ने कहा- ‘मैं कार्रवाई करूंगा’
विधायक सुरेंद्र सिंह गहवार ने एसडीएम की प्रतिक्रिया को लेकर और भी तीखी बातें कही। उन्होंने एसडीएम जितेंद्र वर्मा से कहा कि वह खुद को हटवाना नहीं चाहते, बल्कि वह कार्रवाई करवाएंगे। विधायक और एसडीएम के बीच मंच पर हुई इस बहस ने न सिर्फ चित्रकूट जिले बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना मझगवां ग्राम पंचायत में आयोजित एक सरकारी समस्या समाधान शिविर के दौरान हुई, जहां लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान विधायक ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए प्रशासन के खिलाफ कुछ गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि उनके क्षेत्र में राजस्व अभियान के बावजूद पटवारियों ने अपने गांवों में जाकर काम नहीं किया है, जो कि सरकार के आदेश के खिलाफ है। इस पर एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने विरोध करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र के सभी पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद हैं। इस पर दोनों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
विधायक ने एसडीएम से कहा- ‘तुम हरिशचंद्र हो क्या?’
विधायक सुरेंद्र सिंह ने एसडीएम से कहा कि आप लोग हमारे साथ मजाक करते हैं। इस पर विधायक ने एसडीएम से पूछा, “तुम हरिशचंद्र हो क्या?” विधायक के इस बयान ने बहस को और भी गरमा दिया। विधायक ने कहा कि प्रशासन की गलतियों को जनता के सामने लाना उनका काम है, और वह ऐसा करते रहेंगे।
CEO पर भी विधायक का हमला
मंत्री और एसडीएम के बीच की गर्मागर्म बहस अभी शांत भी नहीं हुई थी कि विधायक ने CEO मझगवां, सुलभ पोषाम पर भी निशाना साधा। विधायक ने मंच से ही CEO को भी लताड़ते हुए कहा कि वह कोई काम नहीं करते और शिकायतों की ओर ध्यान नहीं देते। विधायक ने कहा, “आप लोग लाखों का धोखाधड़ी करते हो और अगर अब हम लोग लॉगबुक की जांच करें, तो लाखों की अनियमितताएं सामने आएंगी।”
CEO से की तीखी पूछताछ
विधायक ने सीईओ से मंच पर ही सवाल किया, “आप ही बताओ, सचिव और GRS का उपस्थिति रजिस्टर कौन भरता है?” सीईओ का जवाब देने से पहले ही विधायक ने कहा, “चाहे वह पंफलेट हो या रजिस्टर, मैं उसे फाड़कर फेंक दूंगा।” विधायक ने यह भी कहा कि रजिस्टर को जनता के प्रतिनिधियों के पास रखा जाना चाहिए।
समस्या समाधान शिविर की स्थिति
इस बहस ने शिविर में मौजूद लोगों को उलझा दिया। जो लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आए थे, वे अब विधायकों और अधिकारियों के बीच की बहस के कारण अपनी समस्याओं को नहीं रख पाए। जिला पंचायत CEO संजना जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता सिंह परिहार, सदस्य संजय सिंह और तहसील व जिला स्तर के अन्य मुख्य अधिकारी इस शिविर में मौजूद थे।
चित्रकूट में विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई यह तकरार अब राज्य में एक चर्चा का विषय बन चुकी है। यह घटना न केवल प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जनता के समस्याओं का समाधान करना कितना मुश्किल हो सकता है, जब प्रशासनिक स्तर पर इस प्रकार की आपसी बहसें हो रही हों।