NDPS केस में सेटिंग का खुलासा! IG गौरव राजपूत का सख्त एक्शन किसी भी दिन गिर सकती है बड़ी गाज

MediabAuditor Rewa. NDPS Act से जुड़े चर्चित मामले ने अब सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच की रफ्तार तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस महकमे में अंदरखाने हलचल तेज है और किसी भी समय बड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस पूरे मामले ने न सिर्फ विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गहरा असर डाला है।
मामला सतना जिले के कोटर थाना क्षेत्र के अबेर गांव से जुड़ा है जहां से दो आरोपियों अभिषेक और अमित को NDPS Act के तहत हिरासत में लिया गया था। लेकिन घटनाक्रम ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब इन दोनों आरोपियों को सेमरिया थाने लाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय करीब 6 घंटे तक सेमरिया में ही बैठाकर रखा गया और बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में छोड़ दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि सेमरिया थाना प्रभारी के मौखिक निर्देश पर एएसआई और पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़कर सेमरिया लाया था। लेकिन थाने में वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बजाय उन्हें सीधे निरीक्षक के निजी निवास में बैठा दिया गया। इस दौरान थाना प्रभारी जो उस समय रीवा में निजी कार्य से मौजूद थे लगातार फोन के जरिए निर्देश देते रहे।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि आरोपियों को थाने ना लेजाकर उन्हें सीधे निरीक्षक के सेमरिया स्थित निजी निवास ले जाया गया। वहीं बैठाकर पूरे मामले पर चर्चा और निर्णय होने की बात सामने आ रही है। इसके बाद देर शाम अचानक दोनों आरोपियों को छोड़ दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच एजेंसियों ने अब इस निजी निवास कनेक्शन को भी अपने दायरे में शामिल कर लिया है। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है लेकिन सूत्रों का दावा है कि इस एंगल की गहन जांच की जा रही है। अगर यह तथ्य सही साबित होता है तो यह मामला और भी गंभीर रूप ले सकता है।
आईजी गौरव राजपूत ने इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि उनके विशेष अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि दोषी चाहे कोई भी हो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए नजीर बनेगी।
आईजी के इस सख्त बयान के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। संबंधित थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी अब बचाव की कोशिशों में जुटे नजर आ रहे हैं और लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि इस बार मामला बेहद गंभीर है और कार्रवाई से बचना मुश्किल है।
इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि NDPS Act जैसे सख्त कानून में यदि इस तरह की लापरवाही या सेटिंग सामने आती है तो यह कानून के डर को कमजोर करता है और अपराधियों का मनोबल बढ़ाता है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच अंतिम चरण में है और रिपोर्ट किसी भी समय सामने आ सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आईजी का अगला कदम कितना बड़ा और कितना सख्त होगा। यह मामला अब केवल दो आरोपियों की रिहाई तक सीमित नहीं रह गया बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही की असली परीक्षा बन चुका है।






