चाकघाट में डायल 112 चालक की वसूली का VIDEO वायरल, एसपी का सर्जिकल स्ट्राइक FIR के आदेश से मचा हड़कंप

Media Auditor Rewa.चाकघाट थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा बल्कि पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गहरे सवाल छोड़ गया है। वीडियो में डायल 112 वाहन का चालक एक भूसा लदी गाड़ी को रोककर चालक से खुलेआम पैसे मांगता नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, वह दबाव बनाते हुए चालान की धमकी भी देता है जिसके चलते वाहन चालक को मजबूरी में पैसे देने पड़ते हैं।
यह पूरा घटनाक्रम मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वैसे ही लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। आमजन का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं बल्कि लंबे समय से इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं जिन्हें हर बार दबा दिया जाता है।
लेकिन इस बार मामला कुछ अलग रहा। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक रीवा शैलेन्द्र सिंह ने बिना देर किए सीधे सख्त एक्शन लिया। उन्होंने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए डायल 112 में पदस्थ चालक योगेंद्र सिंह के खिलाफ अवैध वसूली के आरोप में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए।
सूत्र बताते हैं कि जैसे ही वीडियो उच्च अधिकारियों तक पहुंचा एसपी ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और स्पष्ट कर दिया कि वर्दी का रौब दिखाकर वसूली करने वालों की अब खैर नहीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसपी शैलेन्द्र सिंह का यह भी कहना है कि पुलिस की छवि खराब करने वाले तत्वों पर अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि चाहे कोई भी हो पुलिसकर्मी, आम नागरिक या किसी अन्य क्षेत्र से जुड़ा व्यक्ति यदि अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इतना ही नहीं एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि ईमानदारी से काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा लेकिन वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने डायल 112 जैसे संवेदनशील सिस्टम में तैनात कर्मचारियों को विशेष रूप से चेतावनी दी है कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल है। कई कर्मचारी अब सतर्क हो गए हैं और अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं आम जनता इस कार्रवाई को सकारात्मक कदम मान रही है लेकिन साथ ही यह भी देखना चाहती है कि यह सख्ती आगे भी जारी रहती है या नहीं।
फिलहाल इस पूरे मामले ने एक स्पष्ट संदेश दे दिया है अब वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वालों के दिन लदते नजर आ रहे हैं। अगर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रही तो यह कदम पुलिस व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।






