
रीवा। जिले के सोहागी थाना अंतर्गत सोनौरी चौकी क्षेत्र के नौढ़िया गांव में अफीम की अवैध खेती को लेकर सामने आया मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पहले खेत में अफीम की लहलहाती फसल होने की सूचना फिर पुलिस के पहुंचने से पहले ही पौधों का रहस्यमय तरीके से गायब हो जाना और अब शिकायत करने वाले व्यक्ति की तलाश में जुटी पुलिस इन घटनाओं ने पूरे मामले को बेहद संदिग्ध बना दिया है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि कहीं न कहीं इस पूरे घटनाक्रम में गंभीर लापरवाही या फिर किसी की मिलीभगत की बू आ रही है।
जानकारी के अनुसार सोनौरी चौकी क्षेत्र के नौढ़िया गांव में अफीम की अवैध खेती किए जाने की गोपनीय सूचना एक मुखबिर के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी। बताया जाता है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस को मौके पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। लेकिन जब पुलिस टीम कथित खेत तक पहुंची तो वहां का नजारा पूरी तरह बदल चुका था। जिस खेत में अफीम की लहलहाती फसल होने की बात कही जा रही थी वहां पुलिस को केवल साफ मैदान मिला।
सूत्रों का दावा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही अफीम के पौधों को उखाड़कर हटा दिया गया था। यही नहीं गांव में यह भी चर्चा है कि पौधों को जल्दबाजी में हटाकर मध्यप्रदेश की सीमा पार कर उत्तरप्रदेश की ओर ले जाया गया। यदि यह आरोप सही हैं तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर पुलिस कार्रवाई की जानकारी पहले ही कैसे बाहर पहुंच गई। क्या अवैध खेती करने वालों को पहले से ही भनक लग गई थी या फिर कहीं से सूचना लीक हुई?
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नौढ़िया गांव में यह खेती कोई एक दिन की कहानी नहीं है। लोगों के अनुसार पिछले करीब एक साल से यहां चोरी-छिपे अफीम की खेती की जा रही थी लेकिन इस पर कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अब जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा और कार्रवाई की चर्चा शुरू हुई, तभी अचानक खेत से पूरी फसल गायब हो गई।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात अब सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध अफीम की खेती करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश में जुट गई है जिसने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। नाम न छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि थाना स्तर से कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह जानने की कोशिश हो रही है कि आखिर अफीम की खेती की जानकारी किसने दी।
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि यदि सूचना देने वाले की पहचान उजागर की जाएगी या उस पर दबाव बनाया जाएगा तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस को अवैध गतिविधियों की जानकारी देने की हिम्मत नहीं करेगा। इससे अपराधियों के हौसले और बढ़ सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले की जानकारी जब रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत और पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह तक पहुंची तो उन्होंने भी मामले को गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है और जांच के निर्देश भी दिए हैं। इसके बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
अब नौढ़िया गांव से शुरू हुआ यह कथित अफीम कांड पूरे रीवा जिले में चर्चा का विषय बन गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अवैध अफीम की खेती करने वाला असली व्यक्ति कौन है और उसे संरक्षण किसका मिल रहा है। साथ ही यह भी देखना होगा कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच कर असली आरोपी तक पहुंचती है या फिर सूचना लीक गायब हुई फसल और शिकायतकर्ता की तलाश का यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाता है।






