मध्य प्रदेशरीवा

समता दिवस पर करियर मार्गदर्शन का आयोजन: युवाओं को मिली नई सोच और समानता का संदेश

रीवा . भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय दिव्यागवां जवा रीवा में 06 अप्रैल 2026 को समता दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद कैरियर प्रकोष्ठ मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत एक भव्य एवं प्रेरणादायक व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक समता के महत्व के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में करियर के अवसरों से अवगत कराना था। आयोजन में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत उद्बोधन के साथ हुई जिसके बाद विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. राजेश बुनकर, डॉ. किरण साकेत, डॉ. वियोग सिंह यादव एवं डॉ. बी.पी. सिंह ने मार्गदर्शक के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में युवाओं को केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि सामाजिक कार्य, कानून, शिक्षा, प्रशासनिक सेवाएं (सिविल सेवा) जैसे क्षेत्रों में भी अपनी संभावनाओं को तलाशना चाहिए।

विशेष रूप से वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि करियर का चयन केवल आर्थिक लाभ के आधार पर नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की सोच के साथ होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि वे अपने करियर के माध्यम से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए कार्य करते हैं तो वे न केवल अपने जीवन को सफल बनाएंगे बल्कि समाज में समानता और न्याय की स्थापना में भी योगदान देंगे।

कार्यक्रम की मुख्य कड़ी में स्वामी विवेकानंद कैरियर प्रकोष्ठ योजना के नोडल अधिकारी एवं टीपीओ डॉ. अरुणेंद्र कुमार पाण्डेय ने समता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समता केवल एक विचार नहीं बल्कि एक ऐसी जीवनशैली है जिसे अपनाकर हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने करियर का चयन इस प्रकार करें जिससे समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान मिल सके।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिनेश कुमार यादव ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि समता एक सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान कौशल और नैतिक मूल्यों का उपयोग समाज में व्याप्त भेदभाव असमानता और अन्याय को समाप्त करने के लिए करें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनना है।

कार्यक्रम के अंत में स्वामी विवेकानंद कैरियर प्रकोष्ठ योजना की सहायक नोडल अधिकारी डॉ. नलिनी गुप्ता एवं डॉ. अतुल पांडेय ने सभी अतिथियों वक्ताओं एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई दिशा देने के साथ-साथ उनके भीतर सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित करते हैं।

यह आयोजन न केवल करियर मार्गदर्शन का मंच बना बल्कि विद्यार्थियों के लिए सामाजिक समता और जिम्मेदारी का प्रेरणास्रोत भी साबित हुआ।

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