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रीवा रेंज में 20 लाख का खेल ? मैहर में कंटेनर से पहुँची प्रतिबंधित शराब पर मचा हड़कंप

रीवा/मैहर . नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दम भरने वाली रीवा रेंज एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला इतना गरम है कि पुलिस महकमे के गलियारों में फुसफुसाहट से लेकर खुली नाराजगी तक देखी जा रही है। आरोप है कि मैहर में प्रतिबंधित शराब की बड़ी खेप से जुड़ा मामला कथित तौर पर ऊपर तक सेट कर दिया गया और 20 लाख की डील के बाद कंटेनर को हरी झंडी मिल गई। जानकारी के मुताबिक मैहर नगर में शासन द्वारा शराब बिक्री पर रोक है। यहां कोई अधिकृत दुकान संचालित नहीं होती। इसके बावजूद शहर और आसपास के इलाकों में शराब की उपलब्धता यह संकेत देती है कि अवैध नेटवर्क बेहद सक्रिय है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना संरक्षण के इतना बड़ा खेल संभव नहीं। सूत्रों के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले एक कंटेनर में भारी मात्रा में शराब लोड कर मैहर की ओर सप्लाई की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली और कंटेनर को रोका भी गया। शुरुआत में माना जा रहा था कि बड़ी कार्रवाई होगी और नशा माफिया पर शिकंजा कसेगा। लेकिन घटनाक्रम ने अचानक यू-टर्न ले लिया।

चर्चा है कि शराब माफिया के तार सीधे रेंज स्तर तक जुड़े थे। जैसे ही कंटेनर पकड़ा गया कथित तौर पर फोन की घंटियां बजने लगीं। साहब से बात होने के बाद मामला ठंडा पड़ गया। सूत्रों का दावा है कि लगभग 20 लाख रुपये में पूरा खेल सेट हुआ। आरोप तो यहां तक हैं कि शराब उतारकर कंटेनर में दूसरी सामग्री लोड कर दी गई और कागजों में मामला हल्का बना दिया गया।

हालांकि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन पुलिस विभाग के भीतर असंतोष की चिंगारी सुलग रही है। कुछ जिलों के अधिकारियों में भी नाराजगी की चर्चा है। मगर मामला वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ा होने के कारण कोई खुलकर सामने आने को तैयार नहीं। अंदरखाने यह भी कहा जा रहा है कि अगर यही घटना किसी निचले स्तर के अधिकारी से जुड़ी होती तो अब तक निलंबन तय था।

स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि मैहर जैसे धार्मिक नगर में प्रतिबंध के बावजूद शराब की पैठ प्रशासनिक इच्छाशक्ति पर सवाल खड़े करती है। आमजन पूछ रहे हैं जब मंचों से नशे के खिलाफ सख्ती की बात होती है तो जमीनी हकीकत अलग क्यों दिखती है?
यदि आरोपों में सच्चाई है तो यह केवल एक कंटेनर का मामला नहीं बल्कि सिस्टम में सेंध का संकेत है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या उच्च स्तर से निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी फाइलों के बोझ तले दब जाएगा। फिलहाल 20 लाख के खेल की चर्चा से रीवा रेंज की साख पर गहरा साया पड़ता नजर आ रहा है।

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