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रीवा पुलिस में बड़ा भूचाल: SP शैलेन्द्र सिंह का सख्त एक्शन, IG गौरव राजपूत के निर्देश पर दागी आरक्षकों को किया लाइन अटैच

रीवा। रीवा जिले की पुलिस व्यवस्था में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने अचानक सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर फेरबदल कर दिया। इस कार्रवाई में कई ऐसे आरक्षकों को सीधे पुलिस लाइन अटैच किया गया है जिन पर लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों और लापरवाही के आरोप लग रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत के कड़े निर्देश बताए जा रहे हैं जिन्होंने साफ शब्दों में विभाग को संदेश दिया अनुशासन से कोई समझौता नहीं।

पिछले कुछ समय से रीवा जिले में पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे। आम जनता के बीच यह धारणा बन रही थी कि कुछ पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं और निजी स्वार्थ में लिप्त हैं। लगातार मिल रही शिकायतों और खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का आकलन किया और अंततः सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

सूत्रों के मुताबिक जिन आरक्षकों को लाइन अटैच किया गया है वे पहले से ही विभाग की निगरानी सूची में शामिल थे। इनके खिलाफ अनुशासनहीनता कर्तव्य में लापरवाही और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता जैसे आरोप सामने आए थे। ऐसे में पुलिस अधीक्षक ने बिना देरी किए सीधे एक्शन लेते हुए उन्हें फील्ड से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया।

इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। कई पुलिसकर्मी अब अपनी कार्यशैली को लेकर सतर्क हो गए हैं। विभाग के भीतर यह स्पष्ट संदेश चला गया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही या गलत आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काम करो या लाइन जाओ की नीति अब खुलकर सामने आ गई है।

आईजी गौरव राजपूत की सख्ती भी इस कार्रवाई में साफ झलक रही है। उन्होंने हाल ही में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि विभाग की छवि सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। इसी क्रम में यह बड़ा फेरबदल किया गया है। उनका मानना है कि जब तक फील्ड में तैनात कर्मचारी ईमानदारी से काम नहीं करेंगे तब तक आम जनता का भरोसा कायम नहीं हो सकता।

इस कार्रवाई से आम जनता में भी सकारात्मक संदेश गया है। लोग उम्मीद जता रहे हैं कि इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। खासकर उन क्षेत्रों में जहां पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे थे, वहां इस कदम को राहत के रूप में देखा जा रहा है।

लोगो का मानना है कि यह महज एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि क्लीनअप ड्राइव है जो विभाग की साख को मजबूत करने के लिए जरूरी थी। इससे यह भी साफ हो गया है कि अब छोटी-छोटी लापरवाहियों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा क्योंकि यही आगे चलकर बड़ी समस्याओं का कारण बनती हैं।

पुलिस अधीक्षक का यह दबंग एक्शन उन सभी के लिए चेतावनी है जो वर्दी की मर्यादा को भूल जाते हैं। वहीं यह ईमानदारी से काम करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए एक अवसर भी है कि वे अपनी काबिलियत साबित करें और आगे बढ़ें।

कुल मिलाकर रीवा पुलिस में हुआ यह बड़ा फेरबदल आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि यह मुहिम आगे और कितनी तेज होती है और क्या अन्य स्तरों पर भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई देखने को मिलती है।

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