अब पुलिस आएगी आपके द्वार : IG गौरव राजपूत की मेगा पहल, DIG,SP से लेकर थाना प्रभारी तक उतरेंगे जन चौपाल में, रीवा संभाग में बदलेगी पुलिसिंग की तस्वीर

रीवा। रीवा संभाग में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की जा रही है। आईजी गौरव राजपूत के नेतृत्व में ‘जन चौपाल आपकी पुलिस आपके द्वार अभियान शुरू किया जा रहा है, जो आने वाले समय में पुलिसिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है। इस अभियान में DIG हेमंत सिंह, SP शैलेन्द्र सिंह, सभी SDOP और समस्त थाना प्रभारी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसकी जानकारी मंगलवार को रीवा कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई।
आईजी गौरव राजपूत ने बताया कि अक्सर आम नागरिकों को अपनी समस्याएं लेकर थाने तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग झिझक या डर के कारण अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाते जिससे समस्याएं लंबित रह जाती हैं। इसी स्थिति को बदलने के लिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है जिसमें पुलिस खुद जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेगी और मौके पर ही समाधान का प्रयास करेगी।
इस विशेष अभियान के तहत रीवा संभाग के 77 थानों और 64 चौकियों में नियमित रूप से जन चौपाल आयोजित की जाएगी। इन चौपालों का आयोजन थाना परिसरों के बाहर खुले और सुलभ स्थानों पर किया जाएगा ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग आसानी से पहुंच सकें। इससे आम नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं पुलिस अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।
आईजी ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत अप्रैल के अंतिम मंगलवार से की जाएगी। जन चौपाल का आयोजन शाम 4 बजे से 6 बजे के बीच होगा। हर चौपाल में संबंधित क्षेत्र के SDOP और थाना प्रभारी की अनिवार्य उपस्थिति रहेगी जबकि DIG और SP स्तर के अधिकारी भी समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
DIG हेमंत सिंह और SP शैलेन्द्र सिंह के निर्देशन में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चौपाल में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से दर्ज किया जाए और उसका समयबद्ध निराकरण किया जाए। साथ ही पहले से लंबित मामलों की भी समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए और पीड़ित को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पुलिस विभाग का मानना है कि आपकी पुलिस आपके द्वार अभियान से न केवल पुलिस और जनता के बीच दूरी कम होगी बल्कि आपसी विश्वास भी मजबूत होगा। यह पहल पारदर्शिता जवाबदेही और संवेदनशीलता को बढ़ावा देगी जिससे कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।





