
रीवा। जिले में स्थित बीहर नदी पुल अब केवल एक जर्जर पुल नहीं बल्कि प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना और बड़े खेल का प्रतीक बन गया है। पुल के गर्डर में दरार और पियर कैप क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने इसे भारी वाहनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार कलेक्टर और MP Road Development Corporation (MPRDC) ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इस पुल से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा और सभी वाहन निर्धारित डायवर्सन मार्ग का उपयोग करेंगे। इसके बावजूद 4-लेन निर्माण कार्य में लगी KCC Company पर आरोप है कि वह खुलेआम इन आदेशों को चुनौती दे रही है।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि जहां आम जनता को सख्ती से डायवर्सन रूट पर भेजा जा रहा है वहीं KCC कंपनी अपने ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहनों को उसी क्षतिग्रस्त पुल से लगातार गुजार रही है। इतना ही नहीं आरोप है कि कंपनी कथित तौर पर पैसे लेकर अन्य वाहनों को भी पास देकर पुल पार करा रही है।
मामला तब और गंभीर हो गया जब मीडिया की ग्राउंड रिपोर्टिंग में कंपनी के दावों की पोल खुल गई। मौके पर मौजूद KCC के सुपरवाइजर यह तक नहीं बता पाए कि बैरिकेडिंग कौन खोलता है और कौन बंद करता है। जब यह सवाल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा तो जिम्मेदारी MP Road Development Corporation (MPRDC) पर डाल दी गई जबकि मौके पर उनके कोई कर्मचारी मौजूद नहीं पाए गए।
यह पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक निगरानी और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों का पालन केवल आम लोगों तक सीमित है जबकि कंपनी को खुली छूट मिल रही है। इससे लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
शाम के समय स्थिति और भी चिंताजनक हो गई जब बंद पुल पर अचानक भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। कुछ समय के लिए यह पुल पूरी तरह चालू नजर आया जिससे बड़े हादसे की आशंका और गहरा गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SP शैलेन्द्र सिंह ने सख्त सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी फटकार लगाए व स्पष्ट कहा कि किसी भी कीमत पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके निर्देश के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर पुल पर आवागमन को दोबारा पूरी तरह बंद कराया और बैरिकेडिंग को मजबूत किया।
फिलहाल पुलिस की सख्ती के बाद स्थिति नियंत्रण में है लेकिन यह मामला कई बड़े सवाल छोड़ गया है। क्या KCC कंपनी पर कोई ठोस कार्रवाई होगी? क्या प्रशासन के आदेशों का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित किया जाएगा या फिर यह दोहरा मापदंड जारी रहेगा?
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल नियमों की अनदेखी नहीं बल्कि हजारों लोगों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।





