दो थानों की सीमा में फंसी कोरेक्स की कार्रवाई ! आईजी एसपी के नशे के खिलाफ सख्त अभियान के बीच कबाड़ी मोहल्ले में धड़ल्ले से सप्लाई, खबर के असर में पुलिस की रेड

पहले 1000 में बिकती थी बोतल, अब 400 में उपलब्ध बढ़ती सप्लाई ने खोली नशे के नेटवर्क की पोल
रीवा। जिले में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के पुलिस के दावों के बीच शहर का कबाड़ी मोहल्ला इन दिनों नशीली कफ सिरप कोरेक्स के अवैध कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। हैरानी की बात यह है कि यह इलाका सिटी कोतवाली और सिविल लाइन थाना क्षेत्र की सीमा से सटा हुआ बताया जा रहा है जिसके कारण कई बार कार्रवाई दो थानों के बीच उलझकर रह जाती है। इसी असमंजस का फायदा उठाकर नशे के कारोबारी बेखौफ होकर अपना नेटवर्क चला रहे थे। हालांकि लगातार सामने आ रही खबरों के बाद पुलिस हरकत में आई और छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
दरअसल रीवा रेंज के आईजी और पुलिस अधीक्षक रीवा शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा जिले में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए और ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में नशीली सिरप का अवैध कारोबार बंद होने का नाम नहीं ले रहा है और कबाड़ी मोहल्ला इसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कबाड़ी मोहल्ला कोतवाली और सिविल लाइन थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित है। यही वजह है कि जब भी यहां अवैध नशे के कारोबार पर कार्रवाई की बात आती है तो मामला कभी कोतवाली क्षेत्र तो कभी सिविल लाइन थाना क्षेत्र का बताकर टाल दिया जाता है। इस स्थिति का फायदा उठाकर नशे के कारोबारी लंबे समय से यहां सक्रिय बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई जिससे माफियाओं के हौसले बढ़ते गए।
इलाके में यह भी चर्चा है कि एक थार वाहन के माध्यम से कोरेक्स की खेप लाकर कबाड़ी मोहल्ले में सप्लाई की जाती है। इसके बाद छोटी-छोटी दुकानों और गुपचुप ठिकानों के जरिए नशीली सिरप की बिक्री की जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस इलाके में पुलिस की निगरानी सबसे ज्यादा होनी चाहिए वहीं इस तरह की गतिविधियां खुलेआम चल रही थीं।
नशे के कारोबार के बढ़ने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा रहा है कि कुछ समय पहले तक कबाड़ी मोहल्ले में कोरेक्स की एक बोतल 700 से 1000 रुपये तक में बेची जाती थी लेकिन अब वही बोतल करीब 400 रुपये में आसानी से मिल रही है। कीमतों में आई यह भारी गिरावट इस बात का संकेत मानी जा रही है कि इलाके में सप्लाई तेजी से बढ़ी है और नशे का नेटवर्क पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुका है।
इधर मामले को लेकर लगातार उठ रही खबरों और चर्चाओं के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कबाड़ी मोहल्ला इको पार्क के पास छापेमारी की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि राजेन्द्र सिंह चौहान नामक व्यक्ति अपने घर से नशीली कफ सिरप लाकर फल की दुकान की आड़ में बिक्री कर रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत टीम बनाकर मौके पर दबिश दी।
थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली जहां से 14 नग प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21, 22 तथा म.प्र. ड्रग कंट्रोल एक्ट 5/13 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
हालांकि इलाके के लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के बड़े नेटवर्क का केवल एक छोटा हिस्सा है। उनका दावा है कि कबाड़ी मोहल्ले में नशीली सिरप की सप्लाई लंबे समय से चल रही है और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। यदि पुलिस गंभीरता से जांच करे तो इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
शहर में अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि जब आईजी और पुलिस अधीक्षक द्वारा नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की बात कही जा रही है तो शहर के बीचों-बीच इस तरह का कारोबार आखिर अब तक कैसे फल-फूल रहा था। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले को केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखेगी बल्कि पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर नशे के कारोबार पर प्रभावी लगाम लगाएगी।





