रूम पर आ जाओ… रीवा के मॉडल साइंस कॉलेज में टीचर की शर्मनाक हरकत! अश्लील मैसेज भेजकर छात्रा पर बनाया दबाव,जांच में कबूली गलती फिर भी कार्रवाई ठंडी

रीवा। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले कॉलेज में गुरु शिष्य संबंधों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के पीएमश्री कॉलेज (मॉडल साइंस कॉलेज) में पदस्थ एक शिक्षक पर बीए प्रथम वर्ष की छात्रा को व्हाट्सएप पर अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगा है। इस घटना ने न केवल कॉलेज परिसर बल्कि पूरे जिले में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक ने छात्रा को लगातार निजी मैसेज भेजते हुए अपनी मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। एक मैसेज में उसने लिखा तुम मुझे अच्छी लगती हो रूम पर आ जाओ। जब छात्रा ने इस प्रस्ताव को सख्ती से ठुकराया, तो शिक्षक ने उसे अप्रत्यक्ष रूप से डराने और दबाव बनाने की कोशिश की। उसने लिखा मैं नहीं चाहता कि तुम्हें कोई परेशानी हो, सोच लो… अगर मन हो तो बता देना। इन शब्दों ने छात्रा को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया।
लगातार मिल रहे इन अश्लील और आपत्तिजनक संदेशों से परेशान छात्रा ने हिम्मत जुटाते हुए अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन से संपर्क कर लिखित शिकायत दर्ज कराई और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में सौंपे। मामला सामने आते ही कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में एक जांच समिति का गठन किया गया।
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी शिक्षक ने अपने कृत्य को स्वीकार कर लिया। उसने इसे व्यक्तिगत गलती बताते हुए माफी मांग ली। लेकिन इसके बावजूद अब तक कॉलेज प्रबंधन द्वारा कोई सख्त या ठोस कार्रवाई नहीं की गई है जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्रा और उसके परिजनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आरोपी शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो यह अन्य छात्राओं के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने शिक्षक को तत्काल निलंबित करने और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बुधवार को इस मामले को लेकर छात्रा पक्ष ने खुलकर नाराजगी जाहिर की। परिजनों का कहना है कि जब खुद आरोपी अपनी गलती मान चुका है तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? इस सवाल ने कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है।
लोगो का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी होती है ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और अन्य लोगों के लिए यह एक सख्त संदेश बन सके। वहीं कॉलेज प्रशासन की चुप्पी और ढुलमुल रवैया इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना रहा है।
अब पूरे शहर की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कब तक इस मामले में ठोस कदम उठाता है। फिलहाल छात्रा न्याय की आस में है और यह मामला शिक्षा व्यवस्था की साख पर एक बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है।





