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रीवा में बड़ा एक्शन! बीहर नदी पुल में दरार के बाद रतहरा चोरहटा मार्ग पूरी तरह बंद, देर से जागा प्रशासन डायवर्सन रूट लागू

रीवा। जिले में स्थित बीहर नदी पुल में आई खतरनाक दरार और 3 से 4 इंच तक हुए धंसाव ने आखिरकार प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। लंबे समय से खतरे का संकेत दे रहा यह पुल अब पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। रतहरा से चोरहटा तक जाने वाला मुख्य मार्ग फिलहाल आवागमन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक पुल की जर्जर हालत को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं लेकिन हालात तब गंभीर हुए जब पुल का एक हिस्सा अचानक नीचे धंस गया और उसमें चौड़ी दरारें दिखाई देने लगीं। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल स्थिति का संज्ञान लिया और कलेक्टर ने मार्ग को बंद करने के निर्देश जारी किए।

कलेक्टर के आदेश के बाद पुलिस अधीक्षक ने यातायात प्रभारी को सख्त दिशा-निर्देश दिए। इसके तहत पुलिस प्रशासन और MP Road Development Corporation (MPRDC) की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया। सुरक्षा के मद्देनजर वहां  बल भी तैनात कर दिया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति जोखिम उठाकर पुल पार करने की कोशिश न करे।

प्रशासन ने आम जनता को राहत देने के लिए दो वैकल्पिक मार्ग (डायवर्सन) भी तय किए हैं। पहला डायवर्सन रीवा से गोविंदगढ़ होते हुए बेला-पहला मार्ग से जोड़ा गया है जहां से हल्के और भारी दोनों प्रकार के वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं दूसरा मार्ग चोरहटा से गोदाहा होते हुए निर्धारित किया गया है जिससे स्थानीय यातायात को सुचारू बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

बताया जा रहा है कि यह पुल न केवल स्थानीय गांवों को जोड़ता है बल्कि अंतरराज्यीय यातायात का भी एक अहम हिस्सा रहा है। रोजाना उत्तर प्रदेश,बिहार और महाराष्ट्र से आने-जाने वाले भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते थे। ऐसे में पुल पर लगातार बढ़ते दबाव ने इसकी स्थिति को और अधिक खराब कर दिया।

अब प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पुल की तकनीकी जांच जल्द कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि या तो पुल का पूर्ण पुनर्निर्माण किया जाएगा या फिर नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्सन मार्गों का पालन करें और बंद किए गए पुल के पास जाने से बचें। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।

फिलहाल इस सख्त फैसले से एक बड़े हादसे की आशंका को टाल दिया गया है लेकिन अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस जर्जर पुल का स्थायी समाधान कब तक निकाल पाता है और सुरक्षित आवागमन कब तक बहाल होता है।

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