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NDPS कांड में बड़ा विस्फोट! IG के एक्शन के बाद SP का कड़ा प्रहार विकास कपिश, रामयश रावत और सुजीत शर्मा निलंबित

Media Auditor. बहुचर्चित NDPS कांड में आखिरकार वह दिन आ गया जिसका इंतजार पूरे जिले को था। रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत के सख्त तेवर और तेज जांच के बाद पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने बड़ा एक्शन लेते हुए सेमरिया थाना प्रभारी विकास कपिश, रामयश रावत और सुजीत शर्मा को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है और इसे NDPS मामले में चल रहे कथित सेटिंग के खेल पर सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है।

मामला सतना जिले के कोटर थाना क्षेत्र के अबेर गांव से पकड़े गए दो आरोपियों अभिषेक और अमित से जुड़ा है जिन्हें NDPS Act के तहत हिरासत में लिया गया था। लेकिन इसके बाद जो कुछ हुआ उसने पूरे पुलिस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। आरोप है कि आरोपियों को सेमरिया थाना लाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय करीब 6 घंटे तक निरीक्षक कक्ष में बैठाकर रखा गया और बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में छोड़ दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई सेमरिया थाना प्रभारी के मौखिक निर्देश पर की गई। पुलिस टीम आरोपियों को लेकर तो आई, लेकिन थाने में केस दर्ज करने या कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बजाय उन्हें सीधे निरीक्षक कक्ष में बैठा दिया गया। इस दौरान थाना प्रभारी जो उस समय रीवा में निजी कार्य से मौजूद थे लगातार फोन के माध्यम से निर्देश देते रहे।

मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू तब सामने आया जब जांच में निजी निवास कनेक्शन की बात भी उजागर हुई। चर्चा है कि आरोपियों को थाने से हटाकर निरीक्षक के सेमरिया स्थित निजी निवास तक ले जाया गया जहां पूरे मामले पर बातचीत के बाद निर्णय लिया गया। हालांकि इस तथ्य की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया है।

जैसे ही मामला उजागर हुआ आईजी गौरव राजपूत ने बिना देरी किए सख्त रुख अपनाया और जांच को गति दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि NDPS जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके इस बयान के बाद ही पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई थी।

जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए जिनमें लापरवाही के साथ-साथ कथित सांठगांठ के संकेत भी मिले। इसके बाद पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी विकास कपिश, रामयश रावत और सुजीत शर्मा को निलंबित कर दिया गया।

एसपी ने साफ कर दिया है कि NDPS Act जैसे गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

गौरतलब है कि सेमरिया थाना पहले भी विवादों में घिर चुका है और स्थानीय स्तर पर कई बार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को विभाग की छवि सुधारने और पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस घटना के बाद पूरे जिले के थानों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुराने मामलों की समीक्षा शुरू हो चुकी है और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय जनता में इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां एक ओर लोग इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं वहीं दूसरी ओर अब उनकी नजर इस बात पर है कि क्या आगे भी इसी तरह की सख्ती लगातार बनी रहेगी या नहीं।

फिलहाल NDPS कांड ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस सिस्टम के भीतर चल रही खामियों को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। आईजी से लेकर एसपी तक के एक्शन ने यह संदेश दे दिया है कि सेटिंग का खेल अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाला। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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