
मुख्य सचिव के लौटते ही जारी हो सकती है तबादला सूची, रीवा समेत कई जिलों के कलेक्टरों के नाम चर्चा में
भोपाल, मुकेश पाण्डेय। होली और रंगपंचमी के बाद मध्य प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मंत्रालय के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार अगले सप्ताह कलेक्टरों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर सकती है। इस संभावित सूची में करीब एक दर्जन जिलों के कलेक्टरों के नाम शामिल होने की चर्चा है। इसके साथ ही संभाग आयुक्त, निगम-मंडलों के एमडी-सीईओ और मंत्रालय स्तर के कई बड़े पदों पर भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
सूत्रों का कहना है कि विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद ही इस फेरबदल की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन मुख्य सचिव अनुराग जैन के पांच दिन के अवकाश पर चले जाने के कारण निर्णय को फिलहाल टाल दिया गया। अब उनके लौटते ही नामों की अंतिम समीक्षा कर सूची जारी की जा सकती है। प्रशासनिक हलकों में इस संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भोपाल कलेक्टर का बदलना लगभग तय
राजधानी भोपाल के कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का सचिव स्तर पर प्रमोशन हो चुका है। ऐसे में उनका तबादला लगभग तय माना जा रहा है। वर्ष 2010 बैच के इस आईएएस अधिकारी को किसी संभाग का आयुक्त बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह का भी करीब दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, जिसके चलते उन्हें भी नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बताई जा रही है।
भोपाल कलेक्टर की दौड़ में तीन नाम
राजधानी भोपाल के नए कलेक्टर को लेकर तीन प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं। इनमें ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। सरकार राजधानी में किसी महिला आईएएस अधिकारी को मौका देने पर भी विचार कर रही है।
इसके अलावा धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास निगम के सीईओ दीपक आर्य के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं।
इन जिलों के कलेक्टर भी हो सकते हैं प्रभावित
सूत्रों के मुताबिक संभावित तबादला सूची में प्रदेश के कई जिलों के कलेक्टरों के नाम शामिल हो सकते हैं। इनमें केदार सिंह (शहडोल), प्रतिभा पाल (रीवा), स्वरोचिष सोमवंशी (सीधी), नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी (बैतूल), नेहा मीना (झाबुआ), सोनिया मीना (नर्मदापुरम), सुधीर कोचर (दमोह),ऋजु बाफना (शाजापुर),रानी बाटड़ (मैहर) और अदिति गर्ग (मंदसौर) के नाम चर्चाओं में बताए जा रहे हैं। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है लेकिन प्रशासनिक गलियारों में इस सूची को लेकर काफी हलचल देखी जा रही है।
मंत्रालय स्तर पर भी होगा बदलाव
बताया जा रहा है कि यह फेरबदल केवल कलेक्टर स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार मंत्रालय स्तर पर भी कई प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिवों के प्रभार में बदलाव कर सकती है। इसके अलावा निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी देने की तैयारी चल रही है।
2026 में कई अधिकारी होंगे रिटायर
प्रशासनिक दृष्टि से वर्ष 2026 को काफी अहम माना जा रहा है। इस वर्ष कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में अगले करीब दस महीनों में प्रदेश की नौकरशाही में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कई महत्वपूर्ण पद खाली होने से सरकार को नए अधिकारियों को जिम्मेदारी देनी पड़ेगी।
जूनियर अधिकारियों के लिए खुलेंगे मौके
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायर होने से जूनियर अधिकारियों को प्रमोशन और बड़ी जिम्मेदारियां मिलने का अवसर मिलेगा। इस तरह के प्रशासनिक फेरबदल से शासन व्यवस्था में नई ऊर्जा और नई कार्यशैली देखने को मिलती है।
कुल मिलाकर आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब सभी की निगाहें मुख्य सचिव के लौटने और सरकार द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक तबादला सूची पर टिकी हुई हैं।





