रेडियम पट्टी कांड के बाद अब पैर तोड़ कांड! बदेरा थाना फिर विवादों में, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

मैहर। मैहर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पहले चर्चित रेडियम पट्टी कांड और अब सामने आए कथित पैर तोड़ कांड ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। ताजा मामला बदेरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है जहां एक युवक के साथ थाने में मारपीट कर उसका पैर तोड़ देने का आरोप पुलिसकर्मियों पर लगाया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष भी दिखाई दे रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार बदेरा थाना क्षेत्र के रहने वाले मुकेश साकेत को पुलिस पूछताछ के लिए थाने लेकर गई थी। आरोप है कि पूछताछ के दौरान थाने के अंदर ही पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि मुकेश साकेत का पैर तीन जगह से टूट गया।
पीड़ित की पत्नी ने इस मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि मुकेश साकेत को थाने में घंटों तक प्रताड़ित किया गया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।
परिजनों का कहना है कि मारपीट के बाद मुकेश की हालत बिगड़ने लगी जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां कराई गई मेडिकल जांच में पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पैर में तीन स्थानों पर गंभीर चोट और फ्रैक्चर पाया गया है जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
इधर स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बदेरा थाना से जुड़ी शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। बताया जा रहा है कि इस थाने से संबंधित कई शिकायतें सीएम हेल्पलाइन,आईजी रीवा और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि अब तक इन मामलों में क्या कार्रवाई हुई इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। लोगों का मानना है कि पुलिस पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
इस पूरे मामले में एक और चर्चा यह भी सामने आ रही है कि वर्तमान थाना प्रभारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले जब वे देहात मैहर के नादन थाना में पदस्थ थे तब वहां भी चर्चित रेडियम पट्टी कांड सामने आया था। उस समय भी यह मामला काफी चर्चा में रहा था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठे थे।
अब बदेरा थाना में सामने आए कथित पैर तोड़ कांड के बाद एक बार फिर वही सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार हो पाएगा या फिर ऐसे मामले लगातार सामने आते रहेंगे।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिकायत सामने आने के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
इस पूरे मामले में अभी तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और निष्पक्ष जांच की उम्मीद लगाए बैठा है। अब सभी की निगाहें जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





