आईजी के दावों पर भारी जमीनी हकीकत: सतना में खुलेआम बिक रही नशीली गोलियां, वीडियो बनाने वाले पर पथराव से मचा हड़कंप

सतना (निप्र)। रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मेडिकल नशे पर पूर्ण प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं लेकिन सतना जिला मुख्यालय की हकीकत इन दावों की सरेआम पोल खोलती नजर आ रही है। शहर में नशीली गोलियों की खुलेआम बिक्री का एक वीडियो सामने आने के बाद न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं बल्कि नशा कारोबारियों के हौसले भी उजागर हो गए हैं
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वीडियो सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खेरमाई रोड का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह प्रतिबंधित नशीली गोलियां खुलेआम बेची जा रही हैं। न तो किसी प्रकार का डर दिखाई देता है और न ही कानून का खौफ। यह दृश्य उस वक्त सामने आया है जब पुलिस प्रशासन लगातार नशे के खिलाफ अभियान चलाने और कठोर कार्रवाई करने के दावे करता रहा है।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। आरोप है कि जिस व्यक्ति ने नशीली गोलियों की बिक्री का वीडियो बनाया उसके घर पर नशा कारोबारियों द्वारा पथराव किया गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद उसे धमकियां दी गईं और डराने के उद्देश्य से उसके घर को निशाना बनाया गया। पीड़ित ने सिटी कोतवाली थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि खेरमाई रोड ही नहीं बल्कि सतना शहर के कई इलाकों में नशीली गोलियों का अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है। खासकर युवा वर्ग इस जहर की चपेट में तेजी से आ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया जाता है। लोगों का कहना है कि जब कोई आम नागरिक नशे के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे ही धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।
पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि नशीली गोलियों की बिक्री सिटी कोतवाली जैसे संवेदनशील क्षेत्र में खुलेआम हो रही है तो यह या तो लापरवाही का मामला है या फिर नशा कारोबारियों को किसी तरह का संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि आईजी स्तर के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
फिलहाल वीडियो और शिकायत के बाद पुलिस जांच की बात कह रही है लेकिन जनता को अब ठोस कार्रवाई का इंतजार है। सवाल यह है कि क्या नशा कारोबारियों पर सख्त शिकंजा कसा जाएगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। सतना की जनता अब केवल बयान नहीं बल्कि परिणाम चाहती है।





